मौत का मौसम है सम्भलकर रहना
हर कोई संदेह में है
तनिक फासले से चलना
कभी सोचा न था तेरे कदम रोक दिए जाएंगे
सहमा हुआ होगा चौखट
बाहर मौत मंडराएंगे
किसी के लिए चीखना भी गवारा न होगा
खुद की मौत पर एक कतरा भी न बहेगा
आज दहशत में है ये सारे साजो सामान
न जाने किस पर मौजूद हो मौत का सामान
हर तरफ दुश्मन मौत लिए खड़ा है
इन वादियों से भी बचकर रहना
हर कोई संदेह में है
तनिक फासले से चलना
©nitesh
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