रविवार, 12 अप्रैल 2020

तनिक फासले से चलना

मौत का मौसम है सम्भलकर रहना 
हर कोई संदेह में है 
तनिक फासले से चलना
कभी सोचा न था तेरे कदम रोक दिए जाएंगे
सहमा हुआ होगा चौखट
बाहर मौत मंडराएंगे
किसी के लिए चीखना भी गवारा न होगा
खुद की मौत पर एक कतरा भी न बहेगा
आज दहशत में है ये सारे साजो सामान 
न जाने किस पर मौजूद हो मौत का सामान 
हर तरफ दुश्मन मौत लिए खड़ा है 
इन वादियों से भी बचकर रहना
हर कोई संदेह में है
तनिक फासले से चलना
©nitesh

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें