शुक्रवार, 10 अप्रैल 2020

पूछ तो लो

बहुत तन्हा हूँ एक बार पूछ तो लो
अभी कोरोना से बचा हूँ
एक बार पूछ तो लो
हाल चाल लेने से नही फैलता 
ये वायरस
तेरा खबर ही जानना चाहता हूं
एक बार पूछ तो लो
अतीत के कई चित्र  उभरते है प्रति क्षण
हर बार उसमे तुम्हे ही देखता हूँ
एक बार पूछ तो लो
हर शख्स सिमट गया है घर मे 
सबको सबसे डर है
मैं तुमसे अब भी डरा नही हूँ
एक बार पूछ तो लो
कल शायद कुछ भी हो जाये
काल निकट भी आ जाये
शायद तुम्हे पता भी न चले 
इत्तला किये देता हूँ
एक बार पूछ तो लो
बहुत तन्हा हूँ 
एक बार पूछ तो लो
©nitesh

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