बहुत तन्हा हूँ एक बार पूछ तो लो
अभी कोरोना से बचा हूँ
एक बार पूछ तो लो
हाल चाल लेने से नही फैलता
ये वायरस
तेरा खबर ही जानना चाहता हूं
एक बार पूछ तो लो
अतीत के कई चित्र उभरते है प्रति क्षण
हर बार उसमे तुम्हे ही देखता हूँ
एक बार पूछ तो लो
हर शख्स सिमट गया है घर मे
सबको सबसे डर है
मैं तुमसे अब भी डरा नही हूँ
एक बार पूछ तो लो
कल शायद कुछ भी हो जाये
काल निकट भी आ जाये
शायद तुम्हे पता भी न चले
इत्तला किये देता हूँ
एक बार पूछ तो लो
बहुत तन्हा हूँ
एक बार पूछ तो लो
©nitesh
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