गुरुवार, 18 जनवरी 2018

संकट में भित्तिचित्र

सोनभद्र में पाषाणकाल के दर्जनों भित्ति चित्र मौजूद है, पुरात्तवविद ,इतिहासकारों, समाजविज्ञानी, और पर्यटकों के लिए यह शोध और ज्ञानवर्धक दृश्य है, अपने मानव विकास के क्रम को जानने का अनूठा संग्रह है, 

जनपद मुख्यालय से 2 किलोमीटर से 15 किलोमीटर के क्षेत्र में पसरा दर्जनों भित्ति चित्र आज अराजकतत्वों के चंगुल में समा रहा है , कंडा कोट पहाड़ी के दोनों छोर पर स्थित यह भित्तिचित्र को किसी अराजक और अविवेकशील लोग तैलीय पेंट से लिप कर इसे मिटाने की कोशिश कर रहे है, जिस कारण विश्व का अमूल्य धरोहर समाप्त होने को है, तत्काल इसे प्रसाशन द्वारा संज्ञान में नही लिया गया तो यह बेशक़ीक़ीमती अदियुग के  पुरातत्व नष्ट हो जाएगा।

शनिवार, 13 जनवरी 2018

नितेश भारद्वाज

धर्म का सम्बंध किसी ईश्वर से नही है अपितु जीवन का बौद्धिक और सामाजिक विकास है।
©नितेश