मंगलवार, 4 अगस्त 2020

सबके राम

#सबके_राम 
राम किसी काल, सत्ता ,विधर्म ,सियासत से बहुत भिन्न है, ये अलग बात है कि सियासत दाँ ने इस राम नाम पर देश को अपने इशारों पर नचाया, देश की समृद्धि, संस्कृति पर कुठाराघात किया, जबकि राम तो जन जन में है।*रामराज्य,*राम की तरह राजा,*पुरुषोत्तम राम, *राम मय,*राम संकल्प, *राम का शौर्य, *  रामबाण ,*घटि घटि राम....... इन सारे वाक्य, सभी उपमाएं, उदाहरण हमे राम की ओर आकर्षित करता है, राम से जुड़ने को बाध्य करता है, राम भगवान हो न हो राम हमारी जीवन की नीति निर्देशक तो है ही, विश्व के हर धर्म की बुनियाद में राम के विचारों की ही मिट्टी पड़ी है। इस लिए आज का क्षण देश, काल, धर्म,सीमा से अलग हर प्राणी के लिए उल्ल्हास का क्षण है, किसी धार्मिक या न्यायिक विजय से ज्यादा स्वयं का गर्व करने का दिन है, किसी दल, विचार या धर्म के धागों में बंधा प्राणी को भी इस से मुक्त हो राममय होने का दिन है,  राम किसी एक धर्म,सम्प्रदाय,समूह,या दल का नही वो तो सबके राम है , 
आज का राममय क्षण के साक्षी होने के लिए सभी देश वासियों को बधाई शुभकामनाएं।
©nitesh