मुझे
अब कोई बात बुरी नहीं लगती
कोई हालात बुरी नहीं लगती
सबके अपने अपने तौर तरीक़े है
इसलिए कोई आदत बुरी नहीं लगती
ना कोई सम्मान ऊँचा उठाता है मुझे
ना अब अपमान नीचा गिराता है
जो जिस मोड़ पर जैसे मिल जाए
वैसे ही अपना लेता हूँ
अब कोई शख़्स बुरा नहीं लगता
ना किसी धर्म से कोई मतलब
ना किसी जाति का मोह
ना किसी का अनदेखापन
ना किसी का दुत्कार की परवाह
अब किसी की नफ़रत बुरी नहीं लगती
ना अपनापन की चाह की चिंता
ना किसी की ईर्ष्या की परवाह
मिल जाओ तो ख़ुशी ना मिलो तो मस्त
अब किसी की इंतज़ार बुरी नहीं लगती
मुझे
अब कोई बात बुरी नहीं लगती
@nitesh