#मेरा_एकान्तवास 29
सिंह साहब बहुत चिंतित थे सुबह ही फोन आया था ,54 की उम्र गुजार रहे सिंह साहब के लिए कोरोना एक तूफान की तरह साबित होने वाला था , बहुत कुरेदने पर जो चिंता जाहिर की वह शायद यकीन करने लायक नही था।।
एक बेटे एक बेटी की पिता सिंह साहब का बड़ा बेटा हैदराबाद में एक आई टी कम्पनी में अच्छे पोस्ट पर कार्यरत है, इसी साल एक मार्केटिंग प्रोफेशनल लड़की से शादी तय हुई है, लॉक डाउन के चक्कर मे शादी की तारीख तय नही हो पा रही है,लॉक डाउन से पहले ही मेरे साथ बनारस में शादी के लिए खूब मार्केटिंग किये थे, आखिर परिवार की पहली शादी है, उत्सव भी शानदार होनी चाहिए, तैयारियां पूरी है, लड़की वाले भी जल्दी ही निर्वाह करना चाहते है , दोनों पक्ष सरकार के अग्रिम निर्देश का इंतज़ार कर रहे है।दूसरी सन्तान बेटी पुणे में एम बी ए कर रही है । घर पर पति पत्नी ही लॉक डाउन का सहारा है। पति पत्नी मिलकर खाना बनाना और खाते पीते समय बिता रहे है। परंतु एक नई चिंता सताने लगी है, अभी कोई डॉक्टर भी सलाह के लिए तैयार नही है समय निकलते जा रहा है, ऐसे में अब सिंह साहब अपने परिवारिक सदस्यों और रिस्तेदारो में मुंह दिखाने के लायक नही रहे । आखिर आने वाली दुल्हन क्या बोलेगी कि मेरे आने के साथ ही मेरा देवर जन्म लिया है!!लोग क्या बोलेंगे?? चिंता में सिंह साहब आज दुबले हुए जा रहे है। जो भी हो लॉक डाउन में सब हरि इच्छा।© nitesh
क्रमशः
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें