प्रेम सतत एक दूसरे के हृदय में समाहित भावनाओ का संचार है,जहां सब कुछ शून्य है,निराकार है न कोई बाह्य न कोई अंतर्मन ,दो प्राणों का संयोग से बना अलौकिक काल है जो अनन्त काल तक स्मरणीय रहता है,सुख दुख, पाप पुण्य,लोभ मोह,आशा निराशा से परे है ,यही जीवन है, यही सत्य है, यही सफलता है,..........#यही_मेरी_कामना_है ।
©नितेश