रविवार, 8 मार्च 2020

दुख का कोई कारण नही


अक्सर सब कुछ वैसा नही होता जैसा आपको दिखता है,हर लिबास के पीछे की कहानी बहुत गहरा होता है, ये भी सच है कि हर व्यक्ति की अपनी कहानी ही सबसे वजनदार लगता है चूंकि वह दूसरी की जानने की कोशिश नही करता, व्यक्ति का एक जीवन सम्पूर्ण दुनिया है, जन्म से मृत्युपर्यन्त तक लोग मिलते है फिर बिछड़ जाते है और आखिरी में वह खुद ही बिछड़ जाता है। शुरू शुरू में मोहपाश बहुत शख्त होता है फिर यह नियति बन जाती है, समय के साथ हर बिछड़ते अपनो के साथ एक बूंद आंसू निकलती है और वही आँसू वैराग्य का बीज बोता रहता है। जो जितना संवेदनशील होता है उसका वैराग्य उतना ही पीड़ादायक होता है,बस वैसे ही जैसे जो बर्फ जितना कठोर हीग उसे पिघलने में वक्त लगेगा लेकिन पिघलेगा जरूर।
उच्च पद पर बैठा व्यक्ति हो अथवा सामान्य जन , सबकी अपनी कहानी है जिसे केवल और केवल वक़्त लिखता है,  कुछ लोग उस निर्धारित कहानी का पात्र बनकर जीते है कुछ खुद कहानी बन जाते है।  कुछ भी अलग नही होता  बासी रोटी का एक निवाला खानेवाला या विविध व्यंजन का भो करने वाला।  बस एक दूसरे को देखकर खुश होता है। तृप्ति दोनों को समान ही मिलती है , चुकी हमारी मनोभाव उसी अनुकूल ईश्वर बना देता है। सब वर्तमान से बेहतर ढूंढता है और इसी बेहतर ढूंढने के चक्कर मे वास्तविक आनंद से दूर हो जाता है। वास्तविक आनंद वह नही है जो आप ढूंढ रहे है ,जो ढूंढ रहे है अगर वो मिल भी जाये तो आप और दुखी होंगे, वस्तुतः वास्तविक आनंद भ्रम में है , आपकी जितनी भ्रम होगी आप उतने खुश होंगे भ्रम से अलग सब क्षणभंगुर है, इसका ज्ञान तो वैराग्य ही उत्पन्न करेगा, इसलिए जो भी भ्रम या वह है उसे जीवित रखिये आपकी जीवन यात्रा का सबसे बेहतरीन साथी यही है, जितने संत, आध्यात्मिक गुरु से मिलेंगे वो आपको एप भ्रम से दूर सत्य बताएगा और आप सांसारिक सुखों से दूर होने लगेंगे, वास्तविकता को जानने लगेंगे, वास्तविकता तो यही है कि हम अकेले आये है अकेले जाना है ,सब रास्ते मे मिल रहे हर पड़ाव के लोग है जो सांत्वना भर दे सकते कोई वास्तविक हो ही नही सकता यह प्राकृतिक नियम है।आध्यात्मिक गुरु भी आपका मोह भंग  ही करता है, जिस भ्रम से आपने सुख अर्जित किया है उससे वो दूर करता है , जबकि वो खुद भ्रम का आनंद ले रहा होता कि लोग उनकी बातें सुनकर शिष्य बन गए, पांव पुजवाने का उसे आनंद मिलता है  आखिरी में उसे भी इसी क्रिया से गुजरना पड़ता है
समय के बहाव के साथ यात्रा कीजिये, किसी पर न तो सपना विचार थोपिए और न ही किसी विचार से प्रभावित हो समय से पहले वहम तोड़कर सांसारिक सुख से वंचित हो जाएं। आपको जो पसन्द हो उसे तुरंत करे, जो न पसन्द हो उसके बारे में न सोचें। अच्छा बुरा कुछ भी नही होता , सब समय द्वारा  निश्चित है उसका आनंद ले,  हर पल परिस्थितियां बदलती रहती है जिस बदली हुई परिस्थि से आपको आनंद मिले उसे बेपरवाह  मुहब्बत करें

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