#अंतरराष्ट्रीय_महिला_दिवस_पर
नारी तू जननी हो
मीत प्रीत संग तू
मातृ व भगनी हो
तू निर्माण हो तू उर्वरा हो
तू मानवीयता का वसुंधरा हो
संस्कार संस्कृति का भंडार हो
ममता हो स्नेह हो
छिन्न भिन्न हृदय का उम्मीद हो
तू पूजा हो पद्धति हो
परंपरा का श्रृंगार हो
तू धैर्य हो ,साहस और विश्वास हो
आशा हो उत्साह हो
तू छंद हो कविता हो
हर कहानी का किरदार हो
तू सभ्यता का प्रहरी
तू कोमल हृदय की मालकिन
तुम पर टिका पुरुष की महत्ता
तू ही जग पालनहार हो
©】nitesh
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