गुरुवार, 16 मई 2019

गोडसे-देश भक्त या हत्यारा

1948 में गोडसे हत्यारा था, ठीक उसी तरह जैसे भगत सिंह आतंकी थे, लेकिन समय ने इनके विचारों के समर्थन में हुजूम बना दिया और बहुसंख्यक के लिए भगत सिंह आज़ादी के परवाने है और गोडसे देश भक्त। दोनों का कृत निजी तो कत्तई नही था, गांधी के विचारों के अनुनायी के लिए गोडसे आतंकी और हत्यारा है, भगत सिंह भी उपद्रवी है, लेकिन इसके विपरीत विचारधारा वालों के लिए दोनों ही देश प्रेमी है। ....देश को सम्भल कर चलना पड़ेगा कि सम्भव है भविष्य में इंदिरा गांधी का हत्यारा  और राजीव गांधी का हत्यारा भी देश भक्त न हो जाये। इस गलती की शुरुआत गांधीवादी सोच ने किया था, भगत सिंह और चन्द्रशेखर आजाद आज इन सिद्धांत के षडयंत्र का शिकार नही हुआ होता तो, आज भी गोडसे सर्वमान्य हत्यारा होता, या गांधी मारा ही न गया होता।

2 टिप्‍पणियां:

  1. भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद के साथ गोडसे पन्क्तीबध ंनही किया जा सकता, भले ही गोडसे के कृत का समर्थन करने वाले बहुतेरे हैं,परन्तु मेरी नजर में गोडसे हत्यारा है

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    1. हत्या करने वाला हत्यारा ही होता है, और हत्या करवाने वाला भी। गांधी की हत्या के समय और इंदिरागांधी की हत्या के समय हुआ हत्या भी हत्यारा के श्रेणी में ही आएगा।

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