वो सारे शब्द तश्वीर में बदल गयी, लड़खडाती उम्मीदें सम्भल गयी, यादों की मरुभुमि में वो बरसी छम से, मुर्झायी सी ये ज़िंदगी फ़िर से मचल गयी !!!
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