विमोचन के बहाने.....
सोनभद्र में पत्रकार संगठन के विस्तार के क्रम में एक पत्रकार संगठन ने अपने पत्रकार परिचायिका का विमोचन कार्यक्रम रखा , प्रमाणिकता और ब्रांडिंग के लिए अतिथि व मुख्य अतिथि भी थे,कुछ वयोवृद्ध पत्रकार के साथ संघर्षशील पत्रकारबन्धु भी उपस्थित रहे।खुशनुमा माहौल में हुए विमोचन कार्यक्रम में कई सुर्ख पल भी दिखने को मिला,
लीक पर चल रहे पत्रकारों से अलग संगठन एक लाबी की प्रक्रिया के तहत कई परम्परा से अलग होने का भी प्रयास था, मसलन कलमकारों द्वारा मां सरस्वती का माल्यार्पण न होना, दीप प्रज्वलित न होना, लीक के पत्रकारों को हासिये पर रखना, ताज़्ज़ुब है पत्रकारों के हित के लिए बनने वाली संगठन कुछ खास लोगो के ब्रांडिंग के लिए कैसे हो सकता है ! फिर भी सभा मे उपस्थित 90 प्रतिशत पत्रकार जिले के कई अन्य पत्रकार संगठन के सदस्य भी थे,कुछ तो दो या उससे अधिक संगठन के सदस्य थे,निदेशक मंडल के सदस्य तो कई नामी गिरामी संगठन के पुरोधा भी थे। इससे बड़ा आश्चर्य ये की कोई भी निदेशक की उपस्थिति नगण्य थी, तो फिर इस तरह के संगठन की क्या आवश्यकता थी क्या पूर्व के संगठनसे उम्मीद खत्म था कि दोहरे संगठन की सदस्य बनना पड़ा या संगठन ही बनना पड़ा,गुफ्तगू में कई अन्य अनसुलझे सवाल भी थे ,लेकिन सवाल पत्रकारों के हित से जुड़ा था, इसलिए सबको चुप रहना ही मुनासिब था ,लेकिन इससे किसका हित होगा और किसका अहित ? यदि पत्रकारों का भला होता है तो आयोजक,और संयोजक को मेरी ओर से बधाई ,दिन दूना और रात चौगुना! मेरे जैसे निरीह के लिए लड़ाई लड़ें ,सबकी दुआ उनके साथ है!
बुधवार, 1 नवंबर 2017
विमोचन के बहाने
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