बुधवार, 14 अगस्त 2019

बहन

बहन
बहन की छवि अब
घर की चहारदीवारी में हीं दिखती है
शहर की सड़कों पर 
जोड़ियों में दिखती है लड़कियां
गर टोक भी दूँ तो अपमान समझती है
लड़कियाँ
स्वच्छंद जीवन शैली में 
संस्कार से अनजान है लड़कियां
लाज विहीन, वस्त्र क्षीण
हमारी ही बहन
होती है लड़कियां
आंगन के बाहर बमुश्किल
मिलती है बहन स्वरूपा
भाई के भावनाओं के अभाव में
असुरक्षित है लड़कियां
भातृ भावनाओ से जुड़ने से
आज झिझकती है लड़कियां
कैसे कह दूं बहन वस्त्र सम्भल कर पहनो
हॉट सेक्सी नही अपनो की बहन बनो
आंखों की हया में सम्मान की गहना हो
हाँ कह सकूं कि तू मेरी बहना हो
वो आंखे निकाल लूँ उसकी
तेरी अंगों पर जो नजर टिके
बस संस्कारो में तुझे रहना हो

बहुत बड़ा मन करके
देखता हूँ नजरें नीचे करके
परन्तु भावनाओ में बसता नही
फैशन परस्त ये बहना
भाई की भी सम्मान हो
बहन कहने में भी अभिमान हो
तेरी हर चाहत का ख्याल रखे
संस्कारो का जब सम्मान रखे
तेरी ललाट की तेज चमके
तो उठ न पाए
बदनीयती की पलकें
छाती ठोक कर कह सकूं
हजारों में एक मेरी बहना है
मेरे घर समाज और संस्कार की गहना है।

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