गुरुवार, 22 मई 2025

एक गाँव चाहिए

 एक गाँव चाहिए 

जो शहर जैसा ना हो 

पीपल का छांव चाहिए 

जो खजूर जैसा ना हो 

सुविधा कम हो 

लेकिन पुरातन हो 

खुले आसमान हो 

बंद कमरे जैसा ना हो 

मिट्टी हो ,अँगीठी हो 

लीपा हुआ आँगन हो 

केला की पात हो 

मिट्टी का घड़ा हो 

द्वारे पर खाट हो 

गाय हो बछड़ा हो 

बैल की गले की घंटी हो 

एक अलाव हो 

पड़ोसी से लगाव हो 

मिट्टी  का  हो  या  फूस  का  हो 

परन्तु कंक्रीट का जंगल जैसा ना हो 

एक गांव चाहिए 

जो शहर जैसा ना हो 

-:क्रमशः 

©️nitesh bhardwaj

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