गुरुवार, 5 अप्रैल 2018

सांसद का लेटर बम

#राजनीति
रॉबर्ट्सगंज के सांसद छोटेलाल खरवार ने आज प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखकर चर्चे में आने की पुरजोर कोशिश की ,परन्तु इनकी राजनीतिक कद इनके भेके हुए बम को मंजिल तक नही पहुँचा पाया।जनता  भी अब राजनीति जानने लगी है, अपने पिछले 4 साल के कार्यकाल में जनता और क्षेत्र के लिए शून्य के बराबर भी कार्य नही किये, न ही क्षेत्र का विकास कर पाए न ही अपनी पार्टी में छवि बना पाए, वैसे भी ये आयातित सांसद रहे है इस क्षेत्र के लिए। जनता खासे नाराज है, सम्भव है इन्हें पार्टी दुबारा टिकट दे कर इस क्षेत्र का और बंटाधार नही करना चाहती,ऐसे में जब देश मे sc st का समर्थन और विरोध का माहौल बना है तो उसे कैश करना लाजिमी भी है, अपनी पार्टी तवज़्ज़ो न भी दे तो विपक्षी शायद मुद्दे को तूल दे दे, हालात अनुकूल न हो तो भी विपक्षी पार्टी से टिकट मिलने की उम्मीद तो बनी रहेगी।खैर निजी हित के लिए ठीक भी जान पड़ता है लेकिन पिछले 4 साल का रिकार्ड से जनता शून्य के बराबर भी पसंद नही करते।
अब बात करते है आरोप की ...!लगाया गया आरोप  भी इस सत्ता का काला सच है, जिससे हर कार्यकर्ता वाकिफ है।सोनभद्र के परिपेक्ष्य में जहां राजनीति शून्य क्षेत्र हो , जहां धन उगाही ही प्रमुख कार्य हो वहां इस तरह के आरोप को कोई महत्व नही देता ,सबको खनन से वसूली में जोड़ कर देखा जाता। है कि समय मे जिस तरह से अवैध खनन और वसूली पर जनपद में सत्ताधारियों पर ही चिल्लपों मचा रहा है और उसके एक किरदार संसद खुद रहे है  यह उचित आरोप भी अवैध वसूली में दब के रह जाने जैसा है।काश सांसद ने कोई लोकप्रिय कार्य करके जनता में अपनी लोकप्रियता छोड़ी होती तो आज समर्थन भी मिलता, फिर येनकेन प्रकारेण अपने भाई की कुर्सी सुरक्षित करवाने के लिए यह पत्र से दवाब बनाबे की कोशस है।
सोनभद्र के परिपेक्ष्य में इस पत्र बम से कोई भी फर्क नही पड़ता,हाँ इन्हें टिकट नही मिलने की स्थिति में एक विकल्प की तलाश सुरक्षित रखने का प्रयास है
@नितेश

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